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प्रवासी मजदूरों पर जंग, BJP बोली- ममता सरकार ने सिर्फ 9 ट्रेन चलाने की मंजूरी दी
- ममता सरकार पर बीजेपी का बड़ा आरोप
- प्रवासी मजदूरों के लिए ट्रेन को मंजूरी नहीं: संबित
प्रवासी मजदूरों को लेकर देश में राजनीति तेज हो गई है. शुक्रवार को भारतीय जनता पार्टी के प्रवक्ता संबित पात्रा ने आरोप लगाया कि बंगाल की सरकार ट्रेनों को जाने की मंजूरी नहीं दे रही है. बीजेपी नेता ने कहा कि जिस राज्य में मजदूर हैं और जहां मजदूरों को जाना है, वहां दोनों राज्यों की सरकारों से परमिशन लेनी पड़ती है. अभी तक पश्चिम बंगाल की सरकार ने सिर्फ नौ ट्रेनों को जाने की मंजूरी दी है.
संबित पात्रा ने दावा किया कि आज कई रिसीव करने वाले राज्य परमिशन नहीं दे रहे हैं. उत्तर प्रदेश सरकार ने 487 ट्रेनों को प्रवेश करने की अनुमति दी है, इसलिए यूपी के मजदूर आसानी से आ पा रहे हैं. बिहार की सरकार ने 254 ट्रेनों को राज्य में आने की परमिशन दी हैं.
विपक्षी सरकारों पर बरसे संबित पात्रा
बीजेपी नेता ने ममता सरकार पर आरोप लगाया कि अभी तक बंगाल सरकार ने सिर्फ नौ ट्रेनों को प्रवेश करने की इजाजत दी है. इस बीच बंगाल के लाखों मजदूर बाहर फंसे हुए हैं. कांग्रेस शासित छत्तीसगढ़ ने सिर्फ 10 ट्रेनों को परमिशन दी है, झारखंड सरकार ने भी काफी कम ट्रेनों की अनुमति दी है.
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर निशाना साधते हुए संबित पात्रा बोले कि आपके राज्यों की सरकारें ट्रेनों की परमिशन क्यों नहीं दे रही है. आज सड़कों पर जो तस्वीरें देखने को मिल रही हैं, वह इसी का नतीजा है.
हालांकि, संबित पात्रा के दावे से इतर बीते दिन पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने ट्वीट कर जानकारी दी थी कि प्रवासी मजदूरों के लिए 100 से अधिक स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था कर दी गई है. जो अगले कुछ दिनों में लोगों को बंगाल वापस लाएंगी.
Over the coming days, these special trains will embark from different states for various destinations across Bengal bringing our people back home.
The exact details of each of these trains will be available at: https://t.co/DS3yrvQszP (2/2)
— Mamata Banerjee (@MamataOfficial) May 14, 2020

केंद्र उठा रहा खर्च, फिर भी व्यवस्था नहीं
बीजेपी नेता ने दावा किया कि प्रवासी मजदूरों के शेल्टर होम, खाने का खर्च केंद्र सरकार उठा रही है लेकिन राज्य सरकारें इसके लिए कोई प्रबंध नहीं कर रही हैं. मजदूरों की हालत के लिए आज कांग्रेस और टीएमसी की सरकारें जिम्मेदार हैं. संबित ने आरोप लगाया कि बंगाल की सरकार ने अजमेर गए लोगों को लाने के लिए ट्रेन चलाने दी, लेकिन महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा मजदूर हैं वहां पर कोई परमिशन नहीं मिली है.
गौरतलब है कि केंद्र की ओर से राज्य की सिफारिशों के आधार पर श्रमिक ट्रेनें चलाई जा रही हैं. इसके बावजूद लगातार मजदूरों के सड़कों पर पैदल या साइकिल के जरिए घर लौटने की तस्वीरें सामने आ रही हैं. बंगाल सरकार और केंद्र सरकार के बीच प्रवासी मजदूरों को लेकर पहले से ही ठनी हुई है. इस मसले पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने ममता बनर्जी को चिट्ठी भी लिखी थी.
Credit Aaj Tak
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